ईश्वर क्या है ??
ईश्वर क्या है ? ***************** ईश्वर वह सर्वोच्च शक्ति है जिसे संसार या नश्वर जगत चलाएमान है। कई धर्मों में इसे परिभाषित करने का प्रयास किया गया है । परंतु ये इतना विस्तृत है कि इसे छोटे से अर्थ मे बाँधना असंभव लगता है। परमेश्वर या ईश्वर की परिकल्पना ब्रह्मांड की संरचना से जुड़ी हुई है । यह ब्रह्मांड पाँच मूल तत्वों के मिश्रण का आधार है। जिस प्रकार ब्रह्मांड अनंत और व्यापक है इसकी संरचना का अनुमान करना असंभव व अकल्पनीय अवधारणा समान लगता है। जिस परम शक्ती से उर्जान्वित हो यह ब्रह्मांड स्वा चलायमान है , वह परम शक्ती ही " ईशवर" है। ईशवर को निराकार ,निर्विकार,निर्विकल्प रूप में व्याखित किया गया है ।ब्रह्मांड , पृथ्वी या सृष्टी की संरचना में ईशवर तत्व को समाहित कर इस सृष्टी को नियमित ,स्वाचालित तथा व्यवस्थापित करने का उद्येशय समाहित है यदी ईश्वर शब्द के शाब्दिक अर्थ से परे होकर इसको व्यापक अर्थ में समझने का प्रयास करे तो पाएंगे की...ईशवर परम शक्तिशाली परा शक्ति जिससे जगत संचालित होता है , जिसके सम्मोहन,आकर्षण से जीव जगत ही नही बल्कि मूर्त ,अमूर्त, स्थूल और सूक्ष्म ,चर ,अ...